भारत में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन एवं उत्पादकता की प्रवृत्ति
(2004.05 से 2013.14)
कु लीमा तिर्की
शोधार्थीए अर्थशास्त्र अध्ययनशालाए पंण् रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालयए रायपुरए छत्तीसगढ़
शोध सारांशरू
विश्व बागवानी क्षेत्र में फसलों के क्षेत्रफलए उत्पादन और उत्पादकता में बढ़ती हुई प्रवृत्ति देखी गई है। प्रस्तुत शोध पत्र में भारत के बागवानी क्षेत्र के अन्तर्गत टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन और उत्पादकता की प्रवृत्ति को जानने का प्रयास किया गया है। वर्ष 2004.05 से 2013.14 तक कि अवधि के लिए भारत में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन और उत्पादकता की प्रवृत्ति को जानने के लिए विचरण गुणांक और संयुक्त वार्षिक वृध्दि दर का उपयोग किया गया है।
कुँजी शब्दरू बागवानीए टमाटरए क्षेत्रफलए उत्पादनए उत्पादकता।
प्रस्तावनाः.
भारत विश्व के अन्य देशों में से एक है। जहाँ व्यावहारिक रूप से विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियों को एक या अन्य क्षेत्रों में उगाया जा सकता है। फल और सब्जियाॅं अनाज पर मांग को कम करने और प्राकृतिक सुरक्षात्मक खाद्य पदार्थों का सबसे सस्ता और सबसे धनी स्त्रोंतों में से एक है। मानव आहार में फल और सब्जियों का योगदान है जैसे.प्रोटीनए कार्बोहाइड्रेटए खनिजए लवण और विटामिन।
भारत विश्व में फलों तथा सब्जियों के उत्पादन में चीन के बाद दूसरा स्थान है। भारत में सब्जियों का उत्पादन और उत्पादकता पिछले कई सालों से बढ़ती जा रही हैए यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि प्रति व्यक्ति आय में वृद्धिए स्वास्थ्य चेतना में वृद्धिए कामकाजी महिलाओं में वृद्धिए उच्चतर प्रतिफल के कारण अधिक मूल्य वाली सब्जियों को उगाने में किसानों का स्थानांतरण और वार्षिक वृद्धि जैसे कारकों की वजह से ही हो रहा है। मांग की अनुकूल आय.लोच ने भारत में सब्जियों के उत्पादन की बढ़ती प्रवृत्ति में मदद की है।
विभिन्न प्रकार की सब्जियों में टमाटर एक महत्वपूर्ण सब्जी में से एक है। यह विश्व के आलू और मीठे आलू के बाद सबसे बड़ी सब्जी की फसल हैए लेकिन यह डिब्बाबंद सब्जियों की सूची में सबसे ऊपर है। ऐतिहासिक काल से मध्य और दक्षिणी अमेरिका के निवासियों द्वारा टमाटर का भोजन के रूप में प्राचीन काल से उपयोग करते आ रहे हैं। यूरोप में इसकी खेती 16वीं शताब्दी में स्पेन निवासियों ने शुरू की थी। वहीं से इसे संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा ले जाया गया। भारत में टमाटर पुर्तगाल निवासियों द्वारा लाया गया और पिछले दस दशकों में ही यह सब्जी के रूप में काफी लोकप्रिय हुआ है।
आहार में टमाटर खनिज और कार्बनिक अम्ल आवश्यक अमीनों एसिड और आहार फाइबर का महत्वपूर्ण स्त्रोत है। टमाटर को उत्पादक और साथ ही सुरक्षात्मक भोजन भी कहा जाता है। यह विटामिन ए और बी का महत्वपूर्ण स्त्रोत है। इसमें लोहाए फास्फोरस जैसे खनिज भी शामिल हैं। टमाटर में लाइकोपीन और बीटा कैरोटिन रंज भी शामिल है।
टमाटर की मांग लगभग साल भर रहती है। सब्जी के अलावा इसे सूपए चटनीए सलादए साॅस आदि के रूप में भी उपयोग किया जाता है। टमाटर का सूखा पाउडर भी बनाया जाता है। एक क्विंटल ताजा टमाटर 6ण्5 किग्राण् सूखा पाउडर में परिवर्तित हो जाता है और अनुमानित लागत मात्र 25 रूपये आती है। भारत में टमाटर का क्षेत्रफल लगभग 2004.05 में 505ण्4 मिण्हेण् और उत्पादन 8825ण्5 मिण् टन था जो 2013.14 में क्षेत्रफल लगभग 882 मिण्हेण् और उत्पादन 18735ण्9 मिण् टन रहा है। ;स्त्रोत.छभ्ठद्ध
अध्ययन का उद्देश्यः
1ण् भारत में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन एवं उत्पादकता की प्रवृति का अध्ययन।
2ण् भारत में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन एवं उत्पादकता की प्रवृत्ति का प्रसरण गुणांक और संयुक्त वार्षिक वृद्धि दर का विश्लेषण।
शोध प्रविधिः.
प्रस्तुत शोध अध्ययन मुख्यतः द्वितीयक समंकों पर आधारित है। द्वितीयक समंकों का संकलन शासकीय और अर्द्धशासकीय संस्थाओं द्वारा प्रकाशित वार्षिक प्रतिवेदनोंए पत्र.पत्रिकाओंए शोध पत्रों तथा इन्टरनेट से संकलित किया गया है। अध्ययन अवधि 2004.05 से 2013.14 है। इसके अनुसार अध्ययन के विश्लेषणात्मक अध्ययन के लिए प्रसरण गुणांक और संयुक्त वार्षिक वृद्धि दर को लिया गया है।
उपरोक्त तालिका ;1द्ध में वर्ष 2004.05 से 2013.14 के दौरान भारत में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन एवं उत्पादकता की प्रवृत्ति का उल्लेख किया गया है। सर्वप्रथम वर्ष 2004.05 में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन एवं उत्पादकता क्रमशः 505ण्4 मीण्हेण्ए 8825ण्4 मीण् टन एवं 17ण्5 टनध्हेण् था। वर्ष 2005.06 मेें टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन एवं उत्पादकता क्रमशः 546ण्1 मीण् हेण्ए 9820ण्4 मीण्टन एवं 18ण्0 टनध्हेण् था। वर्ष 2006.07 में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफल 596ण्0 मीण् हेण्ए उत्पादन 10055ण्0 मीण् टन एवं उत्पादकता 16ण्9 टनध्हेण् था जो पिछले वर्ष की तुलना में उत्पादकता में कमी हुई है। वर्ष 2007.08 में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफल 566ण्0 मीण् हेण् था जो पिछले वर्ष की तुलना में कम हैए उत्पादन 10303ण्0 मीण्टन एवं उत्पादकता 18ण्2 टनध्हेण् था। है। वर्ष 2008.09 में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफल 599ण्0 मीण् हेण्ए उत्पादन 11149ण्0 मीण् टन एवं उत्पादकता 18ण्6 टनध्हेण् रहा। वर्ष 2009.10 में और वर्ष 2010.11 में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफल 634ण्4 मीण् हेण् व 865ण्0 मीण् हेण्ए उत्पादन 12433ण्2 मीण्टन व 16826ण्0 मीण्टन तथा उत्पादकता 19ण्5 टनध्हेण् व 20ण्6 टनध्हेण् रहाए जो कि 2010.11 की उत्पादकता में कमी देखी गई है। वर्ष 2011.12 व 2012.13 में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफल 9007ण्1 मीण्हेण् व 879ण्6 मीण् हेण् के साथ घाटे में रही है। उत्पादन 18653ण्3 मीण्टन व 18226ण्6 मीण् टन एवं उत्पादकता 20ण्6 टनध्हेण् व 20ण्7 टनध्हेण् रहा। वर्ष 2013.14 में भारत में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन एवं उत्पादकता क्रमशः 882ण्0 मीण् हेण्ए 187735ण्9 मीण्टन एवं 21ण्2 टनध्हेण् रहा है।
तालिका ;1द्ध में दस वर्ष की समयावधि 2004.05 से 2013.14 के लिए टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन एवं उत्पादकता की संयुक्त वार्षिक वृद्धि दर भी निकाला गया है। इस अवधि के दौरान भारत में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन एवं उत्पादकता की संयुक्त वार्षिक वृध्दि दर 23ण्40 प्रतिशतए उत्पादन की 30ण्38 प्रतिशत एवं उत्पादकता 7ण्67 प्रतिशत रहा है।
निष्कर्षः.
प्रस्तुत अध्ययन के प्रमुख उदद्ेश्यों में यह पाया गया है कि अध्ययन की अवधि के दौरान टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन और उत्पादकता में बढ़ती हुई प्रवृत्ति देखी गई है। इसी प्रकार की बढ़ती रूझान इस अवधि के दौरान भारत में टमाटर के उत्पादन और उत्पादकता में देखने को मिली है। वर्ष 2004.05 में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफल 505ण्4 मिण्हेण्से बढ़कर वर्ष 2013.14 में 882ण्0 मिण्हेण् बढ़ गया है। इसी प्रकार का उत्पादन वर्ष 2004.05 में 8825ण्4 मीण्हेण् से बढ़कर वर्ष 2013.14 में 18735ण्9 मीण्टन हो गया है और उत्पादकता वर्ष 2004.05 में 17ण्5 टनध्हेक्टेण् से बढ़कर 21ण्2 टनध्हेक्टेण् हो गया है।
उपर्युक्त निष्कर्ष से स्पष्ट होता है कि भारत में टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन और उत्पादकता की बढ़ती हुई प्रवृत्ति दिखाई देती है। भारत में अध्ययन की समयावधि के दौरान टमाटर उत्पादन के क्षेत्रफलए उत्पादन और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृध्दि हुई है ऐसे में भारत के बागवानी क्षेत्र में और अधिक वृध्दि होने की संभावना है।
संदर्भ ग्रंथः
1. Choudhary, Kamini and Kundal Rahul (2015), “A study on area, production and yield of tomato in India from 2002 to 2011”, International journal of advance research in computer science and management studies, vol. 3, pp. 90-93.
2. Indian Horticulture Database 2014
3. National Horticulture Board 2014
4ण् सैनीए गंगा शरणएश्आधुनिक शाक एवं पुष्प उत्पादन श्एरामा पब्लिशिंग हाउस
Received on 02.06.2018 Modified on 18.06.2018
Accepted on 24.06.2018 © A&V Publication all right reserved
Int. J. Rev. and Res. Social Sci. 2018; 6(2): 148-150.